गगनयान मिसन क्या है? (Gaganyaan In Hindi)

Gaganyaan एक संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अंग्रेजी Sky Craft होता है। आप यदि भारत के अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले Gaganyaan के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो‌ हम आपको बता दें कि इस लेख में हमने गगनयान (Gaganyaan In Hindi) के बारे में पूर्ण जानकारी आपके साथ सरल शब्दों में साझा करने का प्रयास किया है, अतः आप इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

Gaganyaan In Hindi

Gaganyaan एक भारतीय Crewed Orbital Spacecraft (मानव अंतरिक्ष यान) है, जिसका उद्देश्य Indian Human Spaceflight Programme का पहला अंतरिक्ष यान बनना है।

Note: Indian Human Spaceflight Programme की शुरुआत 2017 में ISRO यानी Indian Space Research Organisation ने Crewed Orbital Spacecraft को‌ LEO यानी ‌Lower Earth Orbit में Launch करने की तकनीक को‌‌ विकसित करनी के लिए किया था।

Gaganyaan के बारे में

Gaganyaan को ऐसे डिज़ाइन किया गया है की‌ यह एक बार में तीन लोगों को अंतरिक्ष में लेकर जाएगा।

ISRO की बनाई हुई विशाल Autonomous 5.3t Capsule 400KM की ऊंचाई पर पृथ्वी की कक्षा में दो या तीन Crew Members के साथ सात दिनों तक पृथ्वी की कक्षा में होगा‌ और पृथ्वी की परिक्रमा करते रहेंगे।

The Hindu के एक 2018 के लेख के अनुसार Gaganyaan को मूल रूप से 2021 के‌ दिसंबर माह में ISRO के GSLV Mk III (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle Mark III) पर लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन The Times Of India के 2021 के‌ लेख के अनुसार Gaganyaan 2023 के‌ पहले Launch हो‌ सकता है।

Gaganyaan Mission में DRDO यानी Defence Research and Development Organisation महत्वपूर्ण मानव-केंद्रित प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों के लिए सहायता प्रदान करेगा।

उत्पादक Hindustan Aeronautics Limited, Indian Space Research Organisation एवं ‌Hindustan Aeronautics Limited
ऑपरेटर Indian Space Research Organisation
प्रक्षेपण द्रव्यमान 8,200 KG
Crew की क्षमता 3
आयाम व्यास: 3.5 वर्ग मीटर / ऊंचाई: 3.58 वर्ग मीटर
आयतन 8 घन‌ मिटर (8 m³)

Note: यहां अनुमानित है कि गगनयान का Uncrewed‌ यान 2022 में Launch होगा, तथा Crewed यान‌ 2023 में।

Gaganyaan Mission In Hindi

Gaganyaan Misson का Crew Module पूर्ण रूप से Autonomous स्पेसक्राफ्ट है, जो 3 Crew Members को पृथ्वी के ऑर्बिट तक ले कर जाएगा और उन्हें फिर वापस पृथ्वी की सतह पर सुरक्षित लेकर आएगा।

Gaganyaan Mission कुल 7 दिनों का होगा, इसका 2.9 t का Service Module “Liquid Propellant Engines”‌ द्वारा संचालित किया जाएगा।

Gaganyaan में जो‌ Capsule होगा, यानी जिसने 3 Crew Members बैठकर अंतरिक्ष में जाएंगे उसमें जीवन समर्थन और पर्यावरण नियंत्रण प्रणाली उपस्थित होगी।

यदि गगनयान में किसी कारण से इमरजेंसी आने पर मिशन को त्याग करना होगा तो इसके लिए Capsule में Emergency Escape (आपातकालीन पलायन) की भी सुविधा उपलब्ध होगी, जिसे रॉकेट की जलने के पहले या दूसरे स्केच के बाद किया जा सकेगा।

Gaganyaan का‌ इतिहास

Gaganyaan का प्रारंभिक अध्ययन और तकनीकी विकास का‌ कार्य 2006 में सामान्य नाम "Orbital Vehicle" के तहत शुरू किया गया था।

2006 के समय में यह योजना की गई थी कि एक साधारण कैप्सूल बनाया जाएगा जो कम से कम 1 हफ्ते तक अंतरिक्ष में रह सके, उसने कम से कम दो Astronaut बैठ सकें एवं यान को वापस पृथ्वी की कक्षा में लौटने के बाद उसे Parachute एके सहाय पानी पर Land करवाया जा सके।

फिर उसके बाद 2008 के मार्च महीने में Capsule का डिजाइन बनाकर भारत सरकार के पास‌ Funding के लिए पेश किया गया।

डिजाइन बनाकर पेश करने के बाद भारत सरकार ने 2009 के मार्च महीने में Indian Human Spaceflight Programme के Funding के लिए आज्ञा दी, लेकिन ‌ उस समय इसे ही पूर्ण राजनीतिक समर्थन नहीं मिला और जी बहुत ही कम Funding मिल पाई।

फिर बहुत सारे संघर्षों के बाद 2017 में Indian Human Spaceflight Programme भारत सरकार द्वारा अपनाया गया, और 15 अगस्त 2018 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से इसे घोषित कर दिया गया।

ऊपर दी गई जानकारियां पढ़ने के बाद आपको गगनयान (Gaganyaan In Hindi) के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी, इस लेख को पढ़ने के बाद यदि आपके पास इस लेख से संबंधित कोई प्रश्न हो तो नीचे कमेंट करके अवश्य पहुंचे हम जल्द से जल्द आपके प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

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